
देहरादून : देहरादून में सोमवार को कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। बढ़ते अपराध, बेरोजगारी, महंगाई, महिला उत्पीड़न और मनरेगा का नाम बदले जाने जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए।
राजभवन कूच से पहले परेड ग्राउंड में आयोजित जनसभा में हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं का जनसैलाब उमड़ा। प्रदेशभर से पहुंचे नेताओं और समर्थकों ने सरकार के खिलाफ जमकर हुंकार भरी।
जनसभा में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। नेताओं ने मंच से राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, भर्ती घोटालों और युवाओं में बढ़ती निराशा पर चिंता जताई।
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ता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रचंड बहुमत की सरकार जनादेश का अपमान कर रही है। पहाड़ों में विद्यालय बंद किए जा रहे हैं, अस्पतालों की स्थिति बदहाल है और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को अब तक बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं।
करन माहरा ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का नहीं, बल्कि आम जनता का भी है। प्रदेश में बढ़ते महिला अपराध, भर्ती घोटाले और किसानों की समस्याओं को लेकर जनता आक्रोशित है। उन्होंने कहा कि गन्ना और सेब उत्पादक किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार संवेदनहीन बनी हुई है।
हरक सिंह रावत ने आरोप लगाया कि देहरादून में 15 दिनों के भीतर पांच हत्याएं हो चुकी हैं, जिससे प्रदेश में भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अमन-चैन, युवाओं को रोजगार और माफियाओं से मुक्ति के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ेगी।
परेड ग्राउंड से लोकभवन कूच कर रहे कांग्रेसियों को हाथीबड़कला में पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य अपने समर्थकों के साथ पहला बैरिकेड तोड़ते हुए मुख्य बैरिकेड तक पहुंच गए, जिससे मौके पर हलचल मच गई।

