Dehradun Crime : गैस एजेंसी मालिक हत्याकांड: सुपारी देकर कराई बेटे की हत्या. माँ समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

14 करोड़ की प्रॉपर्टी डील बनी खून की वजह. तिब्बती मार्केट में दिनदहाड़े गोली मारकर की गई थी हत्या. मुठभेड़ के बाद दबोचे गए दोनों शूटर

देहरादून : राजधानी देहरादून में हुए बहुचर्चित अर्जुन शर्मा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। करोड़ों रुपये की संपत्ति के विवाद ने रिश्तों को इस कदर कलंकित कर दिया कि एक मां ने ही अपने बेटे की 12 लाख रुपये में सुपारी दे दी। इस सनसनीखेज सुपारी किलिंग केस में पुलिस ने मां समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में दोनों मुख्य शूटर घायल हुए हैं।

दिनदहाड़े तिब्बती मार्केट में हुई थी हत्या

11 फरवरी की सुबह डालनवाला कोतवाली क्षेत्र स्थित तिब्बती मार्केट के पास अज्ञात दो हमलावरों ने अर्जुन शर्मा को गोली मार दी थी। गंभीर हालत में उन्हें दून अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

अर्जुन शर्मा जीएमएस रोड स्थित अमरदीप गैस एजेंसी के स्वामी थे और बसंत विहार के निवासी थे। इस घटना से पूरे देहरादून में सनसनी फैल गई थी।

संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह

मृतक की पत्नी अभिलाषा शर्मा ने अपनी सास बीना शर्मा, विनोद उनियाल, संगीता उनियाल और एसके मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉ. अजय खन्ना पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। बीना शर्मा का विनोद उनियाल व डॉ अजय खन्ना के साथ पैसों का लेनदेन चलता था। जिसको लेकर अर्जुन का अपनी माँ से अक्सर विवाद होता रहता था।

बीना शर्मा ने पुत्र से खुद को खतरा बताते हुए हाई कोर्ट से सुरक्षा भी ले रखी थी। माँ से विवाद के चलते अर्जुन इन दिनों अपने परिवार के साथ इंदिरा नगर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि बीना शर्मा ने जीएमएस रोड स्थित संपत्ति का 14 करोड़ रुपये में सौदा डॉ. अजय खन्ना के साथ किया था। इसमें से 8 करोड़ रुपये बीना शर्मा को दिए जा चुके थे।

अर्जुन शर्मा इस सौदे के खिलाफ था और उसने इस संपत्ति की बिक्री पर अदालत से स्टे ऑर्डर ले लिया था, जिससे डील अटक गई। जिसके बाद पैसों की वापसी का दबाव बढ़ गया। इसी विवाद ने हत्या की साजिश को जन्म दिया।

12 लाख में तय हुई सुपारी

पुलिस के अनुसार, बीना शर्मा, डॉ. अजय खन्ना और विनोद उनियाल ने मिलकर अर्जुन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके लिए पंकज राणा और उसके सगे भाई राजीव उर्फ राजू से 12 लाख रुपये में सुपारी तय हुई।

तीन लाख रुपये एडवांस दिए गए। बाकी रकम वारदात के बाद देने की बात तय हुई थी। पंकज राणा विनोद उनियाल के यहां ड्राइवर था, जबकि राजीव ऑटो चलाता है।

मुठभेड़ में घायल हुए दोनों शूटर

घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने जिलेभर में सघन चेकिंग अभियान चलाया और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान स्कूटी सवार दो संदिग्धों की पहचान हुई।

11 फरवरी की रात रायपुर और डोईवाला क्षेत्र में चेकिंग के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैरों में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से तमंचा और कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात कबूल कर ली।

व्हाट्सएप चैट और दिनचर्या की रेकी

जांच में आरोपियों के बीच व्हाट्सएप पर हुई बातचीत भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, हत्या से कुछ दिन पहले बीना शर्मा ने अर्जुन के मैनेजर से उसकी दिनचर्या की जानकारी ली थी।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि दोनों मुख्य शूटरों को न्यायालय से रिमांड पर लिया गया है। दोनों शूटर्स से पूछताछ और जाँच के दौरान प्रकाश में आए तथ्यों के आधार पर बीना शर्मा, विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहन विवेचना में जुटी है।

गिरफ्तार अभियुक्तगण

1- पंकज राणा पुत्र अभय राम सिंह (52) निवासी इंदिरा कॉलोनी, चक्खुवाला
2- राजीव उर्फ राजू पुत्र अभय राम सिंह (50) निवासी इंदिरा कॉलोनी, चक्खुवाला
3- बीना शर्मा पत्नी स्व0 आरसी शर्मा , निवासी बसंत विहार
4- विनोद उनियाल पुत्र घनश्याम उनियाल, निवासी गैलेक्सी लैक्सोटिका अपार्टमेंट, डालनवाला
5- डॉ अजय खन्ना पुत्र जेपी खन्ना निवासी: ईसी रोड, डालनवाला