
देहरादून | मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम ने प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान की नई पहचान स्थापित की है। यह अभियान अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनविश्वास और जवाबदेह शासन का मॉडल बनकर सामने आया है।
जनसेवा कैम्पों को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। साल के पहले दिन राज्य भर में आयोजित 204 जनसेवा कैम्पों में 1.35 लाख से अधिक नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया। इतनी बड़ी जनभागीदारी इस बात का संकेत है कि सरकार की यह पहल जनता की वास्तविक ज़रूरतों से सीधे जुड़ी हुई है।
पहली बार शासन-प्रशासन खुद जनता के द्वार तक पहुँचा है। इससे ग्रामीण, पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला या तहसील मुख्यालयों तक नहीं जाना पड़ रहा है। आय, जाति, निवास सहित विभिन्न प्रमाण पत्र बनाने के साथ ही पेंशन, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को मौके पर ही सहायता उपलब्ध कराई जा रही है । इससे बिचौलियों और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी रोक लगी है।
सक्षम अफसरों की तैनाती
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हर कैम्प में निर्णय लेने में सक्षम अधिकारियों की तैनाती की गई। शिकायतों के प्राथमिक स्तर पर निस्तारण, कमजोर वर्गों, दिव्यांगों, बुजुर्गों और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को प्राथमिकता तथा लापरवाही पर जवाबदेही तय करने से प्रशासन अधिक सक्रिय और संवेदनशील नजर आ रहा है। इस अभियान से जनता का सरकार पर भरोसा मजबूत हुआ है और त्वरित समाधान की नई संस्कृति विकसित हुई है।
पूरे जनवरी माह चलेगा अभियान
उत्तराखण्ड में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” एक जनसेवा कार्यक्रम/अभियान है। जिसका उद्देश्य सरकार को सीधे जनता के पास ले जाना है ताकि लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ, शिकायतों का समाधान और सेवाएँ उनके गाँव, ग्राम-न्याय पंचायत स्तर पर मिल सकें। इस कार्यक्रम के तहत 23 विभागों के बहुउद्देश्यीय शिविर लगाए जा रहे हैं। जिसकी शुरुआत 17 दिसंबर से हुई जोकि पूरे जनवरी माह जारी रहेगा। इसके तहत राज्य के सभी गाँव-न्याय पंचायतों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार उत्तराखण्ड में शासन की सोच को बदलने वाला अभियान है। लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब सरकार खुद जनता तक पहुंचे। हमारा लक्ष्य है कि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी बिना किसी बाधा के योजनाओं का लाभ पाए।”
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री








