
देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब वीआईपी एंगल की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ले ली है। सीबीआई की दिल्ली स्थित स्पेशल क्राइम ब्रांच (शाखा-2) ने अज्ञात वीआईपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सीबीआई की टीम देहरादून और ऋषिकेश पहुंच गईं है, जहां वह मामले से जुड़े डिजिटल, वित्तीय और दस्तावेजी साक्ष्यों की गहन जांच करेगी।
हालांकि इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी पुलकित आर्या समेत तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, लेकिन कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर मामला अब भी सुर्खियों में बना हुआ है। वीआईपी के नाम का खुलासा न होने से प्रदेश की राजनीति लगातार गरमाई हुई है।
– वायरल ऑडियो-वीडियो से बढ़ा सियासी घमासान –
पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी और अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा फेसबुक पर जारी वीडियो और कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया। ऑडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र होने के बाद प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
कांग्रेस ने वीआईपी विवाद को बड़ा मुद्दा बनाते हुए प्रदेशभर में प्रदर्शन किए, वहीं कई सामाजिक संगठनों ने भी सीबीआई जांच की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया।
लगातार बढ़ते दबाव के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी को इस प्रकरण में सीबीआई जांच की संस्तुति दी थी। अब सीबीआई ने मामले में औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डिजिटल सबूत व बैंकिंग लेन-देन तक खंगालेगी सीबीआई
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की जांच में वायरल ऑडियो-वीडियो, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), बैंकिंग लेन-देन, डिजिटल डाटा, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। जांच टीम स्थानीय पुलिस और एसआईटी से भी केस डायरी और साक्ष्य जुटा रही है।
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी पौड़ी जिले की रहने वाली थी और वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी। 18 सितंबर 2022 को रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्या, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर से हुए विवाद के बाद तीनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी थी। शव को चीला नहर में फेंक दिया गया था, जिसे बाद में बरामद किया गया।
प्रदेश में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने तत्काल एसआईटी का गठन किया था। जांच के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अब सीबीआई की एंट्री के बाद एक बार फिर उम्मीद जगी है कि वीआईपी एंगल से जुड़े सभी सवालों के जवाब सामने आएंगे और मामले की हर परत से पर्दा उठेगा।








